बुलंदशहर के अहार में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मान्यता:जहां कृष्ण ने रुक्मिणी को साथ ले जाकर रचाया था विवाह, आज भी जिंदा हैं कथा से जुड़ी आस्थाएं...TV Newsकल तक

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Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक

September 06, 2026

बुलंदशहर के अहार में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मान्यता:जहां कृष्ण ने रुक्मिणी को साथ ले जाकर रचाया था विवाह, आज भी जिंदा हैं कथा से जुड़ी आस्थाएं...TV Newsकल तक

बुलंदशहर के अहार में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मान्यता:जहां कृष्ण ने रुक्मिणी को साथ ले जाकर रचाया था विवाह, आज भी जिंदा हैं कथा से जुड़ी आस्थाएं

देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। मंदिरों में कान्हा के जन्म की तैयारियां हैं, लेकिन बुलंदशहर के अहार की पहचान कृष्ण जन्म की नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह से जुड़ी स्थानीय मान्यता के कारण अलग है। गंगा किनारे बसे इस क्षेत्र में कई ऐसे मंदिर, कुंड और प्राचीन पेड़ हैं, जिन्हें स्थानीय लोग कृष्ण-रुक्मिणी की कथा से जोड़कर देखते हैं। .दिल्ली से करीब 125 किलोमीटर और बुलंदशहर से करीब 45 किलोमीटर दूर अहार गंगा किनारे बसा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में इसे कुंदनपुर कहा जाता था और यह राजा भीष्मक की राजधानी थी। उनकी बेटी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की भक्त थीं। अहार का अवंतिका देवी मंदिर और उसके पीछे स्थित रुक्मिणी कुंड आज भी इस कथा की याद दिलाते हैं।कहा जाता है कि रुक्मिणी मां अवंतिका देवी की पूजा करने के लिए सुरंग के रास्ते मंदिर आती थीं। जब उनका विवाह शिशुपाल से तय किया गया तो उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उन्हें अपना पति बनाने की इच्छा जताई। मान्यता है कि इसके बाद श्रीकृष्ण कुंदनपुर पहुंचे और रुक्मिणी को अपने साथ ले गए। बाद में दोनों का विवाह हुआ। अहार में आज भी इस पूरी कथा से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं लोगों की आस्था का हिस्सा हैं।

Published on September 06, 2026 by Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक
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