ककरई की रामलीला में भरत विलाप और दशरथ विलाप मंचन:राम वनगमन, सुमंत-निषादराज संवाद भी दिखाया गया; सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे...TV Newsकल तक

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Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक

October 03, 2026

ककरई की रामलीला में भरत विलाप और दशरथ विलाप मंचन:राम वनगमन, सुमंत-निषादराज संवाद भी दिखाया गया; सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे...TV Newsकल तक

ककरई की रामलीला में भरत विलाप और दशरथ विलाप मंचन:राम वनगमन, सुमंत-निषादराज संवाद भी दिखाया गया; सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे

ग्राम ककरई में शुक्रवार रात 9 बजे रामलीला का मंचन शुरू हुआ। थोना निवासी जितेंद्र शर्मा और अनिल शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और भगवान श्रीराम की आरती करके आज की लीला मंचन करने का मार्ग प्रशस्त किया। रामलीला में राम वनगमन के बाद सुमंत-निषादराज संवाद, दशरथ विलाप और भरत विलाप की लीलाएं दिखाई गईं। इसमें चित्रकूट का दृश्य भी शामिल था। सुमंत को बेसुध देखकर निषादराज हैरान रह गए। होश में आने पर सुमंत को निशादराज़ ने बताया कि श्रीराम और लक्ष्मण, माता जानकी गंगा पार कर वन चले गए हैं। यह सुनकर सुमंत चित्कार करने लगे। भरत विलाप में सुकुमार भरत के द्वारा कैकेयी को राम वनवास के लिए तरह तरह से ताने उल्हाने देकर भला बुरा कहा और राजा दशरथ के विलाप के मंचन ने कई दर्शकों की आंखें नम कर दीं। राजा दशरथ ने महारानी कौशल्या को बताया कि किस तरह से शिकार करते समय उनके शब्द भेदी बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु हुई और श्रवण कुमार के अंधे माता पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग मे प्राण त्यागने का श्राप दिया था।

Published on October 03, 2026 by Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक
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