औरंगाबाद में नागेश्वर मंदिर की 22 बीघा जमीन पर चारदीवारी:अवैध कब्जे और गंदगी से बचाने के लिए सर्व समाज ने उठाया बीड़ा...TV Newsकल तक

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Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक

May 26, 2026

औरंगाबाद में नागेश्वर मंदिर की 22 बीघा जमीन पर चारदीवारी:अवैध कब्जे और गंदगी से बचाने के लिए सर्व समाज ने उठाया बीड़ा...TV Newsकल तक

औरंगाबाद कस्बे के प्राचीन नागेश्वर मंदिर की 22 बीघा भूमि पर चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह पहल मंदिर की खाली पड़ी जमीन को अवैध कब्जों और गंदगी से बचाने के लिए सर्व समाज द्वारा की गई है। निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस कार्य के लिए किसी सरकारी सहायता का इंतजार नहीं किया गया। सभी समाज के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर इस परियोजना को पूरा करने का संकल्प लिया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मंदिर की इस भूमि के पास एक प्राचीन तालाब भी है, जिस पर भू-माफिया और असामाजिक तत्व लगातार कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए नागरिकों ने एकजुट होकर चारदीवारी निर्माण का निर्णय लिया। इस 22 बीघा भूमि पर प्रतिवर्ष रामलीला, खाटू श्याम का जागरण और सावन माह में बाल मेले का आयोजन किया जाता है। निर्माण कार्य विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विभाग सत्संग प्रमुख दीपक अग्रवाल उर्फ दीनू की देखरेख में चल रहा है। इस पहल को सफल बनाने में क्षेत्र के प्रमुख नागरिक और सामाजिक संगठन भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इनमें राजीव कौशल (पूर्व अध्यक्ष, प्राचीन नागेश्वर मंदिर), योगेश सिंघल (अध्यक्ष, रामलीला अभिनव मंडल), नवनीत अग्रवाल, नितिन सिंघल, मनोज बुकसेलर, सचिन सराफ, नवीन गोयल, मोहित कुमार उर्फ मिक्की, रामू जी सराफ और टीटू जी सराफ प्रमुख हैं। इस सामूहिक प्रयास से स्थानीय नागरिकों में उत्साह का माहौल है। लोगों का मानना है कि चारदीवारी के निर्माण से मंदिर की 22 बीघा जमीन सुरक्षित होगी और गंदगी से भी मुक्ति मिलेगी। इससे भविष्य में इस स्थान को एक सुंदर धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

Published on May 26, 2026 by Repoter Kadeem Rajput TV Newsकल तक
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